Shri SaiDham Sirali
सबका मालिक एक‌

ॐ साईं राम

भजन संग्रह (ऑडियो गैलरी):

  • आरती साईं बाबा की

  • आज से मेरे सपने तेरे

  • अरज अमारी बाबा

  • भोर भई साईं आरती

  • बोल के साईं राम‌

  • बोलो राम साईं राम‌

  • चाहे राम कहो

  • हजरा हजुर साईं

  • हर हर बोलो ॐ साईं राम (धुन‌)

  • हे दुख भंजन हे साईं राम‌

  • हे शिव साईं कृपा निधान‌

  • इतना तो साईं करना

  • जब से पकड़े चरण साईं

  • जहाँ जहाँ मैं जाता साईं

  • जै साईं जै साईं

  • जाकी रही भावना जैसी

  • जपले साईं राम‌

  • जपो मना साईं का नाम‌

  • मधुर मधुर साईं नाम‌

  • मेरा आपकी कृपा से

  • ॐ ब्रह्मा विष्णु महेश‌

  • ॐ जै साईं नाथ‌

  • ॐ साईं मंगलम्

  • ॐ साईं राम‌ साईं श्याम‌

  • पतित पावन जै राम‌

  • प्रभु तुम हो मनोहर साईं

  • प्रेम से जपलो पवन नाम‌

  • साईं बाबा आरती

  • साईं बाबा अंतरयामी

  • साईं चालीसा

  • साईं चरनम‌

  • साईं चौपाईयाँ

  • साईं देवा आया हूँ चरणों मे

  • साईं जी तोसे लागी लगन

  • साईं के चरणों में

  • साईं में संगीत समाये

  • साईं ने जहाँ जहाँ

  • साईं परमेश्वर‌

  • साईं साईं बोल साईं राम बोल‌

  • साईं शरन में

  • साईं सिमरन‌

  • साईं तेरे रूप हैं हजार‌

  • साईं तेरी शरन में

  • साईं वंदना

  • सिरडी बाबाय नम:

  • श्री साईं के ग्यारह वचन‌

  • श्री साईं अमृत वाणी

  • श्री साईं अष्टोत्रम सतनामावली

  • सिरडी साईं द्वारका में

  • सिरडी वरो म्हारो मनड़ा

  • तेरा नाम लेकर‌

  • तेरे रूप अनेक हैं

  • तू ही राम तू ही श्याम‌

  • उठा उठा (काकड़ आरती)

  • जपत आवो म्हारी

  • " ग्यारह वचन‌ "

    जो शिरडी मेँ आएगा,
    आपद दूर भगाएगा ।

    चढ़े समाधी की सीड़ी पर,
    पैर तले दु:ख की पीड़ी पर ।

    त्याग शरीर चला जाउंगा,
    भक्त हेतु दौड़ा आउंगा ।

    मन में रखना दृढ़ विश्वास,
    करे समाधी पूरी आस ।

    मुझे सदा जीवित ही जानो,
    अनुभव करो सत्य पहचानो ।

    मेरी शरण आ खाली जाए,
    हो कोई तो मुझे बताए ।

    जैसा भाव रहा जिस जन का,
    वैसा रूप रहा मेरे मन का ।

    आ सहायता लो भरपूर,
    जो मांगा वो नहीं है दूर ।

    भार तुम्हारा मुझ पर होगा,
    वचन ना मेरा झूठा होगा ।

    मुझ मे लीन वचन, मन, काया,
    उस का रिण ना कभी चुकाया ।

    धन्य धन्य वो भक्त अनन्य,
    मेरी शरण तज जिसे ना अन्य ।
    "स्तुति"

    नमो जगगुरुम् ईश्वरम् साईंनाथम् ,
    पुरुषोत्तम सर्वलोकम् प्रकाशम् !
    चिदानंद रूपम् नमो विश्व आतम् ,
    योगीश्वरम् करूणाकरम् साईंनाथम् !!
    "दैनिक‌ कर्म‌"

    काकड़ आरती (5:15 प्रात:काल)
    माखन मिश्री का भोग‌
    मंगल स्नान (अभिषेक)
    बाल भोग(हलवा)(9:00 प्रात:काल)
    श्रृंगार आरती(संक्षिप्त आरती)
    विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ‌
    साईं सच्चरित्र का पाठ
    कनकधारा स्त्रोत का पाठ
    श्री सुक्त पाठ
    श्री पुरुषोक्त पाठ
    भोग (गुरुवार को विशेष खिचड़ी)(12:00 मध्यान काल)
    मध्यान आरती
    धूप आरती (5:30 सायं काल सूर्यास्त के अनुसार)
    दूध हलवे का भोग‌
    भजन संगीत‌
    भोग(सम्पूर्ण भोजन)
    शेज आरती (10:00 रात्रि काल‌)